Detail of War Between Sri Ram and Ravana (श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का विवरण)

April 13, 2020

Ramayana occupies a very important place in Hindu scriptures. Ramayana was written by Maharishi Valmiki. According to the legend of Ramayana, when Lord Sri Rama was living in the jungle with his wife Sita and brother Lakshmana for 14 years, then Ravana, the king of Lanka, kidnapped Sita and took her to Lanka. When Shri Ram came to know about location of Sita after much research, he went to Lanka with Hanuman and millions of monkey army and fought fiercely with Ravana.
This war between Sri Rama and Ravana lasted for 10 days. Here is a description of each day of the war between Sri Rama and Ravana. –
First Day
Durmukh (Army leader of Ravana) killed by Hanuman.
Death of Ravana’s son Prahast by Lakshmana.
Death of Ravana’s nephew Makraksha (son of Ravana’s brother Khar) by Shri Rama.
Ravana’s defeat by Shri Rama and Ravana’s return to his palace in a degraded state.

2nd Day
Kumbhkarna (Ravana’s yonger brother) killed by Shree Ram.

Day 3
Atikaay (Son of Ravana) killed by Laxman.
Ravana’s son Devantak and Trishira killed by Hanuman.
Narantak (Son of Ravana) and Nikumbh killed by Angad.
Akrmaban and Kumbh (both Ravan’s army leader) killed by Sugreev.
Mahaparshwa (leader of Ravana’s army) killed by Rishabh.

4th Day
Ram and Laxman got injured by Meghnaad (Indrajeet,Son of Ravana).

5th Day
Laxman got injured by Meghnaad (Indrajeet, Son of Ravana)

6th Day
Meghnaad killed by Laxman.

7th Day
There was a war between Shriram and Ravana. But no decision was made till evening.

8th+9th+10th Day.
There was a continuous war between Sriram and Ravana for three days. Ravana was killed by Shriram on the third day.

रामायण हिन्दू धर्मग्रथों में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। रामायण को महर्षि वाल्मीकि ने लिखा था। रामायण की कथा के अनुसार जब प्रभु श्री राम अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ जंगल में 14 वर्ष के लिए रह रहे थे, तभी लंका के राजा रावण ने सीता का अपहरण कर उनको लंका लेकर चला गया। जब काफी खोजबीन के बाद श्रीराम को सीता का पता चला तब वो हनुमान और लाखों वानर सेना के साथ लंका जा कर रावण के साथ भीषण युद्ध किये।
श्रीराम और रावण के बीच यह युद्ध 10 दिनों तक चला। यहां पर श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध का प्रत्येक दिनों का विवरण दिया हुआ है। –
प्रथम दिवस
हनुमान के द्वारा रावण का प्रमुख सेनापति दुर्मुख का वध।
लक्ष्मण के द्वारा रावण के पुत्र प्रहस्त का वध।
श्रीराम के द्वारा रावण का भतीजा मकराक्ष (रावण के भाई खर का पुत्र) का वध।
श्रीराम के हाथों रावण की पराजय और रावण का अपमानित अवस्था में अपने महल में वापस जाना।

दूसरा दिवस
श्रीराम के हाथों कुम्भकर्ण (रावण का छोटा भाई) का वध।

तीसरा दिवस
लक्ष्मण के द्वारा रावण-पुत्र अतिकाय का वध.
हनुमान के द्वारा रावण-पुत्र देवांतक और त्रिशिरा का वध
अंगद द्वारा रावण-पुत्र नरान्तक और राक्षस सेनानायक निकुम्भ का वध
सुग्रीव के द्वारा राक्षस सेना नायकों अक्रंबन एवं कुम्भ का वध.
ऋषभ वानर द्वारा राक्षस सेना नायक महापार्श्व का वध.

चौथा दिवस
रावण पुत्र मेघनाद उर्फ इंद्रजीत के द्वारा राम और लक्ष्मण को नाग पाश में बांध कर मूर्छित कर दिया गया।

पंचम दिवस
मेघनाद उर्फ इंद्रजीत ने लक्ष्मण को भीषण आघात पहुंचाया गया जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो गए। उसी रात हनुमान जी लक्ष्मण जी के लिए हिमालय से संजीवनी बूटी वाला पर्वत लाये। और फिर लक्ष्मण जी की मूर्छा ठीक हुई।

छठा दिवस
लक्ष्मण ने मेघनाद का वध किया.

सप्तम दिवस
श्रीराम और रावण के बीच युद्ध हुआ. लेकिन शाम तक कोई निर्णंय नहीं हुआ.

अष्टम+नवम+दसवां दिवस
श्रीराम और रावण के बीच तीन दिन तक लगातार युद्ध चला. तीसरे दिन श्रीराम के द्वारा रावण का वध किया गया.

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