अजय देवगन की फ़िल्म दृश्यम 2 की कहानी लीक हुई।

अजय देवगन की आने वाली फिल्म दृश्यम 2 की पूरी कहानी लीक हो चुकी है। फ़िल्म की कहानी कुछ इस प्रकार है –
IG मीरा देेेशमुख (तब्बू) अपने बेटे सैम की हत्या को भूल नहीं पाई है और उस ने 6 साल बाद भी विजय का पीछा नही छोड़ा है। उधर विजय बीते 6 साल में एक फ़िल्म थियेटर बनाता है और थियेटर बनाने के लिए अपने घर के बगल की कुछ जमीन बेच डालता है। उस जमीन को मीरा देशमुख ने ही किसी और के नाम से खरीद लिया और उस प्लाट पर एक घर बनवा कर उसमें 2 पुलिस वाले को पियक्कड़ पति और पीड़ित पत्नी के रूप में रखवा देती है, ताकि वो दोनो विजय और उसकी फैमिली पर नजर रख सकें। विजय और उसकी फैमिली इस बात से अनजान है कि उनके नए पड़ोसी दम्पत्ति दरअसल पुलिस हैं। महिला पुलिस विजय की पत्नी नंदिनी (श्रिया सरन) से दोस्ती बना लेती है। वो हर वक़्त उसकी नंदिनी से सैम की लाश का पता का राज जानने के चक्कर मे रहती है। लेकिन विजय कभी भी अपना राज अपनी फैमिली को नहीं बताता इसलिए उसके फैमिली को सैम की लाश का पता ही नहीं है, इसलिए नंदिनी भी कभी बता ही नहीं पाती है कि लाश कहाँ हैं। उधर पुलिस ने ये एलान कर रखा है कि जो भी लाश की जानकारी देगा उसे लाखों रुपये इनाम मिलेंगे।
एक दिन एक अपराधी जेल से छूट कर उसी बस्ती में आता है। उसे अचानक याद आता है कि 6 साल पहले 4 अक्टूबर की सुबह 4 बजे जब वो अपराध कर के भाग रहा था तब उसने विजय को पुलिस स्टेशन से फावड़ा लिये हुए निकलते हुए देखा था। उसने ये बात पुलिस को बताई। पुलिस ने थाने का फर्श खुदवाया तो उसके अंदर से कंकाल निकल जाता है। पुलिस उस कंकाल को डीएनए टेस्ट के लिए लैब भेज देती है। उधर विजय थाने के अंदर चल रही खुदाई को और कंकाल को लैब भेजे जाने की घटना को अपने थियेटर में लगे CCTV से देख लेता है, और वहां से कहीं चला जाता है। फिर वो शाम में लौटता है तो पुलिस विजय को उसके परिवार सहित गिरफ्तार कर लेती है। जब पुलिस विजय की बेटियों अंजू और अन्नू को टॉर्चर करती है तो विजय अपनी बेटियों को बचाने के लिए सैम का कत्ल और लाश दफनाने का का सारा इल्जाम अपने सर ले लेता है और थाने में इस इल्जाम का कन्फेशन कर लेता है। पुलिस और मीरा को लगा कि उसने अंततः जीत हासिल कर ली। पुलिस विजय को अपने रिमांड में लेने के लिए उसे कोर्ट में पेश करती है। मगर कोर्ट में विजय अपने कन्फेशन से मुकर जाता है। अभी बहस चल ही रही होती है कि जज के पास उस कंकाल का डीएनए रिपोर्ट आता है जिसमे पता चलता है कि वो कंकाल सैम का है ही नहीं।
सभी फिर चौंक जाते हैं। कोर्ट साक्ष्य के अभाव में विजय को रिहा कर देती है।
दरअसल थाने से निकला कंकाल मीरा के बेटे सैम का ही था, मगर जब पुलिस ने उस कंकाल का डीएनए टेस्ट के लिए कंकाल को लैब भेजती है, तभी विजय ने उस कंकाल को उस लैब के प्रहरी की मदद से गायब कर दिया और उसके बदले उसी उम्र के किसी अन्य लड़के का कंकाल रख दिया। क्योंकि विजय को काफी पहले से ही शक था कि पुलिस कभी ना कभी थाने की फर्श से उस कंकाल को निकाल ही लेगी, इसलिए उसने काफी पहले से ही एक अन्य कंकाल का इंतजाम कर रखा था।
इस बार विजय ने सैम के कंकाल को जला कर राख में तब्दील कर दिया और उस राख को मीरा के हवाले करवा देता है ताकि उस राख को वो लोग नदी में प्रवाहित कर सकें। फिर मीरा के पति महेश देशमुख अपनी पत्नी मीरा को कहता है कि अब विजय का पीछा करना छोड़ दो, क्योंकि हमें हमारा सैम का अवशेष मिल गया। और उसकी अस्थियों को विसर्जित कर हमने उसे मुक्ति दे दी।
इस प्रकार विजय फिर से बच जाता है।

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